वक़्त की क़ैद में; ज़िन्दगी है मगर... चन्द घड़ियाँ यही हैं जो आज़ाद हैं....

Monday, January 5, 2009

हजारों शेर हमको मुंहज़बानी याद है....

अधूरे ख्वाब की रोती निशानी याद है
हजारों शेर हमको मुंहज़बानी याद है।

दिसम्बर की गुलाबी धूप की कातिल समां
बिखरते जुल्फ- ओ-कुर्ता आसमानी याद है।

'कामयाबी' यूँ तो उसके दर पे है
इश्क में वो 'मुंह की खानी' याद है।

नया घर है, नये कपड़े, नये बर्तन
पुराने शहर की बातें पुरानी याद है।

'दादी माँ' की याद धुंधली हो रही है
'एक था राजा - एक थी रानी'; याद है।

2 comments:

  1. चल के रुकना; रुकना चलना; रुक के चलना
    अल्हड़ झील की चंचल रवानी याद है? x

    Ab jheel ka pani to hamesha sthir rehta hai aur aap uski ravaani ki baat kar rahe hain?

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